department of telecommunication sim card new rule

department of telecommunication sim card rule: भारत सरकार ने साइबर ठगी पर लगाम कसने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। 28 नवंबर 2025 को दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए नया नियम जारी किया है। अब व्हाट्सएप्प, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट जैसे तमाम चैट ऐप्स तभी चलेंगे जब आपके फोन में एक चालू भारतीय सिम कार्ड लगा हो। सिम निकाली, बंद हुई या निष्क्रिय हुई – ऐप अपने आप बंद!

department of telecommunication sim card new rule
Massaging apps new rule

department of telecommunication sim card rule की स्टेप बाय स्टेप पूरी जानकारी

क्यों लाया गया ये नियम?

2024 में ही साइबर ठगों ने भारतीयों से 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए। ज्यादातर ठगी विदेश से बैठे लोग करते हैं। वे फर्जी सिम लेकर अकाउंट बनाते हैं, लोगों को फंसाते हैं और फिर सिम फेंक देते हैं। सरकार का कहना है कि अब हर अकाउंट एक जीवित, केवाइसी वाली सिम से जुड़ा रहेगा, तो ठग का पता लगाना आसान हो जाएगा। फिशिंग, इन्वेस्टमेंट स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, लोन ऐप की धोखाधड़ी – सब पर लगाम लगेगी।

नए नियम की मुख्य बातें (28 नवंबर 2025 का आदेश)

  1. 90 दिनों के अंदर सभी मैसेजिंग ऐप्स को सिम बाइंडिंग अनिवार्य करनी होगी।
  2. फोन में चालू सिम न हो तो ऐप खुलेगा ही नहीं।
  3. व्हाट्सएप्प वेब, टेलीग्राम वेब जैसे वर्जन हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएंगे। दोबारा फोन से क्यूआर कोड स्कैन करना पड़ेगा।
  4. 120 दिनों में सभी कंपनियों को सरकार को रिपोर्ट देनी है कि उन्होंने नियम मान लिया।
  5. नहीं माना तो दूरसंचार कानून 2023 के तहत लाइसेंस रद्द होने तक की सजा हो सकती है।

किन-किन ऐप्स पर लागू होगा?

  • WhatsApp
  • Telegram
  • Signal
  • Snapchat
  • ShareChat
  • JioChat
  • Josh
  • Arattai और भारत में चलने वाला कोई भी मैसेजिंग या चैट ऐप

अच्छी बात – रोमिंग में छूट

अगर आप विदेश गए हो और रोमिंग ऑन है, तो कोई दिक्कत नहीं। बस सिम फोन में डली हो और चालू हालत में हो।

मोबाइल कंपनियां खुश, इंटरनेट कंपनियां नाराज़

जियो, एयरटेल, वोडाफोन की संस्था COAI ने तुरंत समर्थन किया। उनका कहना है – “बहुत दिन से ये कमी थी। अब हर गलत मैसेज का पता चल जाएगा। देश सुरक्षित होगा। हम पूरा सहयोग करेंगे।”

दूसरी तरफ मेटा (व्हाट्सएप्प), गूगल, टेलीग्राम वाली कंपनियों की संस्था ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (BIF) ने कहा है कि ये नियम बहुत सख्त हैं। यूज़र को परेशानी होगी, प्राइवेसी का सवाल है, विदेशी यूज़र का क्या होगा? उन्होंने सरकार से गुजारिश की है कि पहले सभी पक्षों से बातचीत हो, तब तक नियम पर रोक लगे।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

  • अगर आप दूसरी सिम या ई-सिम यूज़ करते हो और मुख्य सिम निकालकर रखते हो, तो अब नहीं चलेगा।
  • वाई-फाई केवल वाले टैब या सेकंड फोन पर व्हाट्सएप्प नहीं चलेगा।
  • विदेश में रहने वाले भारतीय जो भारतीय नंबर से व्हाट्सएप्प चलाते हैं, उन्हें भी सिम एक्टिव रखनी पड़ेगी।
  • ज्यादातर लोगों के लिए कोई बड़ी दिक्कत नहीं, क्योंकि फोन में सिम तो रहती ही है।

आगे क्या होगा?

90 दिन का समय 28 फरवरी 2026 तक है। कंपनियां कोड बदल रही हैं। हो सकता है कुछ कंपनियां कोर्ट जाएं या और समय मांगें। लेकिन सरकार सख्त है। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के कारण जनता का भी बड़ा हिस्सा इस नियम के पक्ष में है।

अंत में department of telecommunication sim card rule में यही कहेंगे – थोड़ी सी असुविधा हो सकती है, लेकिन अगर हर साल 20-25 हजार करोड़ की ठगी रुक जाए और आपके घर में कोई फोन पर धमकी न आए, तो ये कीमत छोटी है।

Pankaj Varik
Pankaj Varik

मेरा नाम पंकज है। मैं एक ब्लॉगर हूँ और पिछले 2 साल से ब्लॉगिंग कर रहा हूँ। इस न्यूज़ वेबसाइट के ज़रिए मैं आपको रोज़ाना नई-नई खबरें पहुंचाता रहूँगा। मेरी कोशिश रहती है कि आपको सही और ताज़ा जानकारी आसानी से मिल सके। आपका साथ मिलने से मुझे बहुत हौसला मिलता है, इसलिए चलिए मिलकर खबरों की इस यात्रा को और मजेदार बनाते हैं!

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